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रुद्रपुर:कप्तान फेसबुक पर, शहर में बदमाशों का जमावड़ा

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रुद्रपुर। पुलिस का काम डंडे के बल पर कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने का है, परन्तु लॉकडाउन में पुलिस के फेसबुकिया होने से अपराध चरम पर पहुंच गया है। एसएसपी भी लोगों से दूर सोशल मीडिया पर एक्टिव हो रहे हैं। जिसके कारण अपराधियों में पुलिस का भय समाप्त हो रहा है। गदरपुर व रुद्रपुर में पुलिस पर हुए हमले आने वाले कल में बढऩे वाली दिक्कतों के संकेत कर रहे हैं। 22 मार्च को कोरोना संक्रमण के खिलाफ जंग का आगाज किये जाने के बाद लॉक डाउन कर दिया था। लॉकडाउन का पालन पुलिस बने भी सख्ती से कराया। उल्लंघन करवाने वालों को दंड भी दिया और सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक करवा उनको लॉकडाउन का सही मायने में अर्थ भी बताया था। जिसके चलते लॉकडाउन प्रथम में माहौल सामान्य रहा था। लेकिन लॉक डाउन-2 में पुलिस को डंडा छोड़ सोशल मीडिया का चस्का चढ़ गया। डंडा संस्कृति हल्की पड़ी तो अपराधी फिर से सक्रिय होने लगे। लॉक डाउन-3 होते-होते पुलिस फेसबुकिया हो गयी, जरा सा काम भी सोशल मीडिया पर दिखाई देने लगा और जो पुलिस का असली काम था लॉक डाउन नियंत्रण का वो दम तोडऩे लगा। एसएसपी के दर्शन फेसबुक पर होने लगे, बस यही से लॉकडाउन का मजाक बनना शुरू हो गया। हालात बिगड़ते गए और दो दिन पूर्व गदरपुर में पुलिस पर हमला कर दिया। उसके बाद रविवार रात को भी यही हाल हुआ और फिर पुलिस और हमला हो गया। इससे पहले मलसा गिरधरपुर में पुलिस का खुला मजाक हुया और बाहर से साथियों को बुलवा स्थानीय युवक ने फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। किच्छा में पार्क से बैठने से मना किया तो घर पर फायर झोंक दिया। जब पुलिस धरातल से दूर सोशल मीडिया पर अपने काम दिखाने लगेगी तो होने वाले हालात का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

नहीं मिलते किसी से…
रुद्रपुर।
कोरोना वैश्विक बीमारी से अधिकारियों का डर किसी से नहीं छिपा है। अपनी जान पर खेल कर नीचे के कर्मचारी और पुलिस कर्मी लोगों के बीच शिकायतें सुन उनका निस्तारण भी कर रहे हैं। पर उच्चाधिकारियों से कोई नहीं मिल सकता। उन्होंने लोगों से दूरी बना लिया है। उनसे संपर्क सिर्फ सोशल मीडिया पर ही हो सकता है।

अमीरों को है उल्लंघन का अधिकार
रुद्रपुर।
जनपद के हालात खराब ही हैं, अधिकारी गरीबों पर तो लॉकडाउन उल्लंघन का मुकदमा दर्ज करने में देर नहीं लगाते। अगर गलती रसूख वाले से की गई है तो आंख फेर ली जाती है। नगर की पॉश कॉलोनी में लॉकडाउन के दौरान भी एक सभा का आयोजन किया जाता है। वहां सिडकुल पुलिस भी पहुंचती है, पर लॉकडाउन उलंघन नजर नहीं आता।

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