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हल्द्वानी:खालसा व गुरुतेग स्कूल के चुनाव का मामला अल्पसंख्यक आयोग पहुंचा

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हल्द्वानी। खालसा नेशनल गल्र्स इंटर कालेज व गुरुतेग बहादुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन समिति के चुनाव का मामला अल्पसंख्यक आयोग के पास पहुंच गया है। इस मामले में आयोग को पत्र भेज अध्यक्ष का तीन साल का कार्यकाल और दो साल बढ़ाने तथा अवधि खत्म होने के बावजूद नई कार्यकारिणी गठित न करने की शिकायत भी की गई है।
शहर निवासी व आरटीआई एक्टिविस्ट गुरविंदर सिंह चड्ढा ने अल्पसंख्यक आयोग को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि खालसा व गुरुतेग बहादुर स्कूल समिति के अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है। पूर्व में अध्यक्ष पद पर काबिज लोगों के आपसी विवाद के कारण सिटी मजिस्ट्रेट को कंट्रोलर नियुक्त कर दिया गया। शिकायती पत्र में कहा गया है कि तत्कालीन अध्यक्ष के तीन साल के कार्यकाल को दो साल और बढ़ा दिया, इसी के कारण विवाद खड़ा हो गया। इधर दो साल का कार्यकाल भी समाप्त हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन नई कार्यकारिणी के चुनाव नहीं हो पाए। वर्तमान में कंट्रोलर नियुक्त है। इस वजह से दोनों विद्यालयों की हालत खराब होती जा रही है। शिक्षण कार्य भी निम्न हो रहा है। चड्ढा ने आयोग से स्कूल की दोनों संस्थाओं के अलग- अलग चुनाव करवाकर नई कार्यकारिणी को स्कूल संचालन का जिम्मा सौंपने की मांग उठाई है।

नियमों के विपरीत बनाया अध्यक्ष
हल्द्वानी।
समाजसेवी गुरविंदर चड्ढा ने बताया कि खालसा नेशनल गल्र्स इंटर कालेज व गुरुतेग बहादुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के अध्यक्षों का कार्यकाल पूरा होने के बारे में जिलाधिकारी को इस साल जनवरी माह में शिकायती पत्र सौंपा गया था, लेकिन लंबा समय बीतने के बावजूद नई कार्यकारिणी का चुनाव नहीं कराया जा सका। उन्होंने बताया कि दोनों स्कूल संस्थाओं की नियमावली अलग-अलग है, प्रशासन ने पिछले कार्यकाल में एक चुनाव करवाकर मात्र एक ही अध्यक्ष का चयन कर लिया, यह भी के विपरीत है। अब चयनित कार्यकारिणी न होने के कारण भवनों के रखरखाव, संचालन व अन्य कार्य संपादन में रुकावट आ रही है।

प्राइवेट संस्था में कंट्रोलर नियुक्त करने का नियम नहीं
हल्द्वानी।
गुरुतेग बहादुर सीनियर सकेंडरी स्कूल प्रबंध समिति के मौजूदा अध्यक्ष वीरेंद्र चढ्ढïा ने बताया कि गुरुतेग स्कूल का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जबकि खालासा स्कूल में चुनाव कराये जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि गुरुतेग स्कूल प्राइवेट व खालसा शासकीय नियमावली की श्रेणी में आता है। चड्ढा ने कहा कि प्राइवेट संस्थाओं में नियंत्रक (कंट्रोलर) नियुक्त करने का कोई नियम नहीं जबकि यहां नियुक्त है, यह किस आधार पर नियुक्त किये गए हैं इस बारे में पता नहीं है। चड्ढा ने बताया कि वह गुरुतेग स्कूल प्रबंधन समिति के मौजूदा अध्यक्ष है, उन्होंने चार्ज नहीं लिया है चूंकि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

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